दान
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विधा-कविता
दान बड़ा संसार में, होता बड़ा ही नाम,
पेट भरे हजारों का, मिलता स्वर्ग धाम।
दान दिये जाओ सदा, घटता नहीं धन,
निर्धन को दान दो, चाहे वस्त्र व अन्न।
दानी हुये संसार में, बाली राजा नाम,
विष्णु भी याचक बने, ले मन में काम।
उद्धार किया राजा बलि,पहुंचाया धाम,
बुरे कर्म करते रहो, हो जायेगा बदनाम।।
नितांत मौलिक /स्वरचित
डा होशियार सिंह यादव
मोहल्ला-मोदीका, वार्ड नंबर 01
कनीना-123027 जिला महेंद्रगढ़ हरियाणा
फोन 09416348400
गरीबी
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विधा-कविता
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बढ़ी गरीबी देश में, बूढ़े करते काम,
खाते पीते युवा अब,करते हैं बदनाम।
दो पैसे की खातिर,फिरते हाथ पसार,
देख दर्द में डूबते, हो रहा हा हाकार।।
कब बदलेगा देश मेरा,कब आएं रात,
खाने को अन्न मिले,बदलेंगे यूं हालात।
बुजुर्गों का सम्मान हो,मिले हाथ काम,
दिन भी सुनहरे होंगे,सुनहरी होगी रात।।
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स्वरचित/मौलिक
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* डा. होशियार सिंह यादव
मोहल्ला-मोदीका, वार्ड नंबर 01
कनीना-123027 जिला महेंद्रगढ़ हरियाणा
फोन 09416348400












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