रामलीला-04
रामलीला कनीना की, आकर्षित करें लोग,
राम चरित्र सुनकर के, मिट जाते सभी रोग।
राम ने तोड़ा धनुष जब, पहुंच गये
परशुराम,
लक्ष्मण और परशुराम का हुआ बड़ा संवाद।।
एक तरफ सचिन शर्मा लक्ष्मण बनकर अड़े,
महेंद्र शर्मा दूसरी ओर, बनके परशुराम बड़े।
संवाद चला जमके दोनों में हक्का बक्का लोग,
दोनों युद्ध उतारू हुये, राम बीच में आ खड़े।।
***होशियार सिंह यादव,कनीना,हरियाणा
किस्मत
रातोंरात बदल जाए किस्मत,
गम भी खुशियां बन जाते है।
खुशियों में कभी विध्र पड़ता,
खुशी के पल गम बन जाते हैं।।
समय भी ऐसा आता है कभी,
साया भी साथ छोड़ जाता है।
कभी कभी तो दुश्मनों में भी,
अपना ही कोई नजर आता है।।
**डा. होशियार सिंह यादव
कनीना,जिला-महेंद्रगढ़,हरियाणा

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