Monday, September 22, 2025

 
  मां दुर्गा
दुर्गा मां कर दे भला,



कितने खड़े तेरे द्वार।
भर दे झोली सब की,
जमकर दो जन प्यार।।
नौ रूपों में पूजा करते,
जप और व्रत के साथ।
आशीर्वाद दे दो अपना,
सिर पर रख दो हाथ।।
**डा. होशियार सिंह
कनीना, जिला-महेंद्रगढ़

          मरना मुश्किल
निर्धन के लिए मरना भी,
मुश्किल भरा बना काम।
काज और खातिरपानी के,
लग जाते लाखों ही दाम।।
रोटी के लिए तरस जाता,
मरने पर करते लोग काज।
कर्जों में डूब जाते कितने,
फिर भी नहीं आते बाज।।
**डा. होशियार सिंह यादव
कनीना,महेंद्रगढ़,हरियाणा

No comments: