Monday, September 15, 2025

 कविताएं


        आरोप
बिन देखे, बिन सोचे लगा देते हैं आरोप,
ऐसे भी साथी होते पीठ में देते छुरा घोप।
कलियुग में नहीं मिलेंगे अपने और पराये,
दर्द में डूबे वृद्ध जन, उनको कौन हंसाये?
दुष्ट से बचकर रहते,अपनो से कौन बचाये,
वो ही धोखा देते आये,जिसने गले लगाये।
कब लेंगे अवतार प्रभु,कर रहे लोग पुकार,
पाप और अधर्म का कितने कर रहे व्यापार।।
***डा. होशियार सिंह यादव,कनीना
विश्व रिकार्डधारक, जिला महेंद्रगढ़,हरियाणा



 सोमवार
शिवभोले को याद करे,
आया है दिन सोमवार।
नर नारी पूजा करते है,
झट से हो जाओ तैयार।
कालकूट को पी डाला,
परहित का किया काम।
देवी देवता याद करते हैं,
ऐसे में शिव का है नाम।।
**डा. होशियार सिंह
कनीना,महेंद्रगढ़,हरियाणा





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