Tuesday, September 16, 2025

 कविताएं



               आरोप
बिन देखे, बिन सोचे लगा देते हैं आरोप,
ऐसे भी साथी होते पीठ में देते छुरा घोप।
कलियुग में नहीं मिलेंगे अपने और पराये,
दर्द में डूबे वृद्ध जन, उनको कौन हंसाये?
दुष्ट से बचकर रहते,अपनो से कौन बचाये,
वो ही धोखा देते आये,जिसने गले लगाये।
कब लेंगे अवतार प्रभु,कर रहे लोग पुकार,
पाप और अधर्म का कितने कर रहे व्यापार।।
***डा. होशियार सिंह यादव,कनीना
विश्व रिकार्डधारक, जिला महेंद्रगढ़,हरियाणा


 बेचारा किसान
वर्षा खूब हुई, फसल हुई बर्बाद,
बाढ़ देखकर 1995 की आई याद।
बाजरा,ग्वार, कपास नष्ट हो चुके,
अब किसान कर रहे हैं फरियाद।।
एक अक्टूबर से बाजरे की खरीद,
मंडियों में हो चुकी सब तैयारियां।
कैसे किसान पैदावार लेकर आए,
कितनी ही बढ़ चुकी हैं दुष्वारियां।।
***होशियार सिंह यादव*****
कनीना,महेंद्रगढ़,हरियाणा******


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