Wednesday, August 03, 2022

 घर घर तिरंगा
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विधा-कविता
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रामराज का सपना दिल में है,
क्या अजब राज होगा वो चंगा।
आजादी की खशियां दिल में,
फहराएगा अब घर घर तिरंगा।।

वीरों ने कुर्बानी झेली हैं जब,
मिली तिरंगे की बड़ी सौगात।
घर घर में तिरंगा अब फहरेगा,
मदभावन बन गई यह हालात।।

अंग्रेजी सितम कितने सहे हैं,
अब भारतवासी आजाद हुये।
तिरंगा खुशी से फहराएंगे यूं,
कितने ही आंसू जन के बहे।।

घर घर तिरंगा फहरा देना,
आजादी का जश्र मनाएंगे।
वीरों की गाथा सुन सुनकर,
हर जन को यह सुनाएंगे।।

काश वो आकर देखे वीर,
मिट जाए उनकी तन पीर।
तिरंगा घर घर देखकर वो,
बनके नाचेंगे यूं रांझा हीर।।
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स्वरचित/मौलिक
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* डा. होशियार सिंह यादव
मोहल्ला-मोदीका, वार्ड नंबर 01
कनीना-123027 जिला महेंद्रगढ़ हरियाणा
  फोन 09416348400





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